आसिफा का आखिरी वीडियो | कठुआ कांड आसिफा का आखिरी वीडियो

कठुआ कांड आज देश का सबसे ज्वंत मुद्दा बन चुका है, आम आदमी से लेकर राजनेता और सेलीब्रिटीज इस सभी एक सुर में, इस घटना की निंदा और न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं इस मामले में सोशल मीडिया पर भी मुहीम छेड़ी गई है..

बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए ऑनलाइन पीटिशन साइन करवाया जा रहा है.. इस मुद्दे पर लोग अपनी-अपनी राय और मामले से जुड़े तथ्यों को रख रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया, इस मुद्दे पर आम जनता की आवाज और ताकत बनकर उभरा है, पर कई बार सही मकसद के लिए भी गलत चीज़ें इस्तेमाल हो जाती है.. और ऐसा ही इस मुद्दे पर हो रहा है। दरअसल फेसबुक और यूट्यूब पर आसिफा का आखिरी वीडियो बताकर एक वीडियो आजकल खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें इसमें एक बच्ची एक नज़्म पढ़ते नजर आती है। आसिफा के लिए न्याय की मांग करने वाले लोग इस वीडियों की सच्चाई जाने बिना इसे शेयर कर रहे हैं। अगर आपने भी इस वीडियो को मासूम आसिफा का आखिरी वीडियो समझ लिया था, तो अब इसकी सच्चाई भी जान लीजिए।

नज़्म पढ़कर सरकार को कोस रही है बच्ची

सुना था कि बेहद सुनहरी है दिल्ली, समंदर सी खामोश गहरी है दिल्ली

मगर एक मां की सदा सुन न पाए, तो लगता है कि गूंगी है बहरी है दिल्ली ..

ये उस नज़्म के बोल हैं जो इस वीडियों में एक बच्ची कहती नजर आ रहा है। बच्ची का शक्ल आसिफा से से काफी मिलती जुलती है। ऐस में इसे शेयर करने वालों का कहना है कि ये कठुआ वाली पीड़ित बच्ची का ही वीडियो है और इस वीडियो में वो दिल्ली यानी की सरकार को कोस रही है। आसिफा के नाम पर यूट्यूब पर ये वीडियो एक दिन में लगभग 26 लाख बार देखा जा चुका है। आसिफा के लिए दुखी लोग इसे उसकी आखिरी गुहार मान खूब शेयर कर रहे हैं.. पर असल में इसकी सच्चाई कुछ और ही है, जिसे शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया है। दरअसल वीडियो में बच्ची द्वार पढ़ी गई ये नज़्म उन्हीं की लिखी हुई है। चलिए अब इमरान से ही इस वीडियो की सच्चाई भी जान लेते हैं।

आसिफा केस के बाद इस वीडियो के वायरल होने पर इमरान का कहना है कि उनकी नज़्म का ये वीडियो आज से लगभग 9 महीने पहले किसी ने उन्हें व्हाट्सऐप पर भेजा था और ये बेहद अच्छी लगी इसलिए उन्होंने तभी इसे फेसबुक पर डाल दिया था। वीडियो पोस्ट करने की तारीख थी 18 जुलाई, 2017।  पर किसी ने इसी वीडियों को कठुआ वाली बच्ची का बताकर शेयर कर दिया .. जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इमरान बताते हैं कि कुछ लोगों ने पहले इसी बच्ची को उनकी बहन की बेटी बता दिया और अब उसी बच्ची को आसिफा बता रहे हैं इस पर इमरान का कहना है कि ये बच्ची आसिफा जैसी जैसी दिखती है, पर वो है नहीं।

एक साल पहले पोस्ट हुआ था ये वीडियो

इसी के साथ इमरान ने लगभग एक साल पहले शेयर की गई अपनी पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी डाला है और उसे  शेयर करने की तारीख और समय को भी हाइलाइट किया है। इमरान के पोस्ट से तय है कि ये वीडियो आसिफा का नहीं हो सकता। ऐसे में अगर आपको भी कोई ये वीडियो शेयर करता दिखे तो उसे हमारी इस खबरे के साथ इस वीडियो की सच्चाई से जरूर रूबरूं कराएं, क्योंकि किसी भी मकसद के लिए गलत तथ्यों का इस्तेमाल कहीं से भी उचित नहीं है।

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