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इन प्रोफेशन वाले पुरुषों में नपुंसकता बढ़ने का सबसे ज्यादा रहता है खतरा

परुष हर बात को बर्दाश्त कर सकते हैं लेकिन ये कभी बर्दाश्त नहीं कर सकते कि कोई उनकी मर्दांगी पर उंगली उठाए. वे ऐसा हर काम करने से बचते हैं. वे मेहनत करते हैं, दिनभर काम भी करते हैं जिससे वे अपने परिवार को बेहतर जिंदगी दे सकें. इन कामों में वे अपनी शान और जिम्मेदारी दोनों समझते हैं लेकिन कुछ ऐसे किन प्रोफेशन वाले पुरुषों में बढ़ती हैं नपुंसकता ? इन प्रोफेशन्स पर वैज्ञानिकों ने रिसर्च भी किया है.

इन प्रोफेशन वाले पुरुषों में हो सकती है नपुंसकता

वे हर तरह के काम करते हैं जैसी जिस पुरुष की क्षमता होती है. मगर कुछ ऐसे भी प्रोफेशन होते हैं जिनके कारण उनके अंदर नपुंसकता, शुक्राणओं की संख्या में कमी और कामुकता में कमी आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है का सामना करना पड़ सकता है. आज हम आपको ऐसे 3 प्रोफेशन्स के बारे में बताने जा रहे है  जिसमें शामिल होने वाले ज्यादातर पुरुष नपुंसकता जैसी समस्याओं से जूझने लगते हैं. आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं.

1. वेल्डर :

आपने ज्यादातर जगह वेल्डिंग का काम पुरुषों को ही करते देखा होगा लेकिन जो पुुरुष वेल्जिंग का काम  5 घंटे से ज्यादा समय तक करते है तो वेल्डिंग के दौरान निकलने वाली हानिकारक किरणों पुरुषों के निजी पार्ट के संपर्क में आने लहते हैं जिसकी वजह से उनके शुक्राणु क्षतिग्रस्त हो जाते है. ऐसा काम  लगातार  करने पर शुक्राणुओं की संख्या में कमी पाई जाती है और उनकी कामुकता में भी कमी आती है.

2. जिम ट्रेनर और एथलीट :

आज तक आप जिम ट्रेनर और एथलीट को हर तरह से फिट ही कहते आए होंगे. फिटनेस के कारण गलत उम्मीद की जाती है कि इनकी से*स पावर भी अच्छी रहती होगी. मगर अगर आप ऐसा सोचते हैं तो  लेकिन ऐसा मानना कुछ हद तक गलत भी हो सकता है. अपने इस प्रोफेशन की वजह से उनको कई घंटों तक लगातार अपना काम करना पड़ता है और इस वजह से टेस्टोस्टेरोन को नुकसान पहुंचता है जिससे उनके शुक्राणुओं की संख्या में कमी आ जाती है.

3. साइकिल चलाना :

जो लोग साइकिल का उपयोग सबसे ज्यादा करते हैं या जो हर दिन 5 घंटे से ज्यादा साइकिल चलाते हैं उनमें ये खतरा ज्यादा बढ़ता है. उन पुरुषों में शुक्राणुओं की गिनती में समस्या आ सकती है जिससे उनका व्यवाहिक जीवन पर भी असर पड़ सकता है.

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