उंगलियां चटकाना, आज से ही छोड़ देंगे अँगुलियों को चटकाना

इंसान का शरीर अपने आप में किसी बड़े रहस्य से कम नहीं है। इस शरीर में जान की तरह से आती है और व्यक्ति किस तरह से जीवित रहता है, इसका रहस्य आजतक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं। अक्सर शरीर के बारे में अच्छे से जानकारी ना होने पर कुछ लोग हर रोज कई गलतियाँ करते हैं। इनमें से कुछ गलतियाँ छोटी होती हैं तो कुछ गलतियाँ बहुत बड़ी होती हैं। हालाँकि शरीर के लिए छोटी बड़ी दोनों ही गलतियाँ नुकसानदायक होती हैं। बड़ी गलती का असर तुरंत देखने को मिलता है।

व्यक्ति द्वारा की गयी छोटी-छोटी गलतियों का असर बाद में भुगतना पड़ता है। इन्ही में से एक गलती है, अँगुलियों का चटकाना। अक्सर लोगों को आपने देखा होगा या आप खुद अपनी अँगुलियों को दिन में दो से तीन बार चटकाते हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो हर समय अपनी अँगुलियों को चटकाते रहते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसा करने वाले लोग यह नहीं जानते हैं कि ऐसा करना उनके लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है। आज हम आपको इससे सम्बंधित कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप आज से ही अपनी अँगुलियों को चटकाना छोड़ देंगे।

अंगुलियाँ चटकाने से होते हैं ये नुकसान:

*- डॉक्टरों के अनुसार अँगुलियों का चटकाना ना ही अच्छा होता है और ना ही बुरा होता है। लेकिन यह केवल उन लोगों के लिए है जो अपनी अँगुलियों को दिन में दो से तीन बार चटकाते हैं। जो लोग अपनी अँगुलियों को दिन में कई बार चटकाते हैं, यह उनके लिए बहुत ही खतरनाक होता है। बार-बार अंगुलियाँ चटकाने से व्यक्ति के जोड़ों में दर्द हो जाता है। कई शोधों में यह दावा किया गया है कि जोड़ों के लिए काफी हानिकारक होता है।

*- जिन लोगों को बार-बार अपनी अंगुलियाँ चटकाने की आदत होती है वो लोग बहुत जल्दी ही गठिया जैसी दर्दनाक बीमारी के शिकार हो जाते हैं। ब्रिटेन के एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार बार-बार अँगुलियों को चटकाने की आदत की वजह से व्यक्ति गठिया जैसे रोगों का शिकार हो जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें हड्डियाँ आपस में एक-दूसरे से लिगामेंट की वजह से जुड़ी होती हैं। जब कोई अपनी अँगुलियों को बार-बार चटकाता है तो उनमें दरार आ जाती है।

*- जैसा की पहले ही बताया जा चूका है कि हड्डियाँ आपस में एक-दूसरे से लिगामेंट की वजह से जुड़ी होती हैं। बार-बार चटकाने की वजह से अँगुलियों के बीच में मौजूद लिक्विड कम हो जाता है। जब ये लिक्विड एकदम ख़त्म हो जाता है तो गठिया जैसी खतरनाक बिमारी हो जाती है।

*- अगर कोई व्यक्ति बार-बार अपनी अँगुलियों को चटकाता है तो वह अँगुलियों को चटकाने के लिए अपनी हड्डियों को बार-बार दूसरी हड्डियों से खींचता है। अगर जोड़ों को बार-बार खींचा जाये तो इससे हड्डियों की पकड़ कम हो सकती है, जिससे कभी भी हड्डियाँ टूट भी सकती हैं।

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