दलित नेताओं ने आंबेडकर की मूर्ति को दूध से नहलाया, बोले ‘मेनका ने किया अशुद्ध’

अांबेडकर जयंती भी विवादों से खुद को अछूता नहीं रख पाया। जी हां, जिस अछूत समाज को लेकर आंबेडकर ने लड़ाई लड़ी रही थी, आज उन्ही के नाम पर सियासत किया जा रहा है। देश आज 127वीं आंबेडकर जयंती मना रहा है, लेकिन आज भी सियासत नहीं बाज आई। देशभर में बड़ी ही धूमधाम से आंबेडकर जयंती मनाई जा रही है। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने समस्त देशवासियों को  आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं दी है। आंबेडकर को बाबा साहेब के नाम से जाना जाता है, लेकिन हाल ही में यूपी सरकार द्वारा आंबेडकर का नामकरण किया गया। आइय़े जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

संविधान निर्माता भीमराव रामजी आंबेडकर की आज 127वीं जयंती है, जिस मौके पर देश भर में उल्लास का माहौल दिख रहा है। लोग आंबेडकर को याद कर रहे हैं। पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ से आयुष्मान भारत की शुरूआत की है। इस योजना को लांच करने के लिए पहले से ही 14 अप्रैल निर्धारित किया गया था, ऐसे में आज यह योजना की गई है, इसके तहत सवा सौ करोड़ भारतीयों को फायदा मिलेगा। साथ ही ग्राम स्वराज योजना को भी पीएम मोदी ने मंजूरी दी। ऐसे में एक ऐसा मौका सामने आया जिसने, सबको हैरान कर दिया। बीजेपी नेता मेनका गांधी ने आंबेडकर की मूर्ति पर फूल अर्पित किये तो दलित नेताओं ने कुछ ऐसा किया, जिससे आप सब हैरान हो जाएंगे।

दलित नेताओं ने मेनका गांधी द्वारा आंबेडकर की मूर्ति को छूने पर उस मूर्ति का शुद्धीकरण किया, जोकि देश को शर्मसार करता है। जी हां, लोगों ने उस मूर्ति को दूध से नहलाया, जिसके बाद यह उन लोगों ने मूर्ति पर फूल अर्पित किये। फूल चढ़ाने के बाद कहा कि मेनका ने अंबेडकर को छूकर अछूत कर दिया है, ऐसे में हमने इस मूर्ति को दौबारा से शुद्ध किया है। साथ ही उन लोगों ने इस दौरान बीजेपी का भी विरोध किया है।

बताते चलें कि मेनका गांधी के पहुंचने पर विवाद और भी ज्यादा बढ़ता हुआ दिखाई दिया। बता दें कि बीजेपी नेताओं के श्रद्धांजलि स्थल से चले जाने का दबाव भी बनाया, ऐसे में आंबेडकर जयंती भी विवादों से अछूता नहीं रहा। एक तरफ देश में आप एकता की बात करते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ इस तरह की हरकतें अनेकता में एकता वाले भारत के सपने को तोड़ता हुआ दिखाई देता है, ऐसे में वक्त आ गया है कि कम से कम महापुरूषों के जयंती पर तो सियासत का दांव खेलना बंद किया जाए।

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